भोपाल: मध्य प्रदेश विधानसभा ने मानसून सत्र के दूसरे दिन यूनिफॉर्म सिविल कोड (Uniform Civil Code-UCC) विधेयक 2026 को ध्वनिमत से पारित कर दिया। विपक्ष के हंगामे और लंबी बहस के बीच पारित हुआ यह विधेयक अब राज्यपाल की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। राज्यपाल की स्वीकृति मिलने के बाद मध्य प्रदेश में UCC लागू हो जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसे सभी नागरिकों के लिए समान अधिकार सुनिश्चित करने वाला ऐतिहासिक कदम बताया। उनके अनुसार यह कानून धर्म के आधार पर अलग-अलग व्यक्तिगत कानूनों की जगह समान नागरिक व्यवस्था स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
क्या है UCC?
यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) ऐसा कानून है, जिसके तहत विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, गोद लेने, भरण-पोषण और पारिवारिक मामलों में सभी नागरिकों पर समान नागरिक कानून लागू होगा, चाहे उनका धर्म कोई भी हो।
UCC बिल की प्रमुख बातें
सभी समुदायों के लिए एक समान नागरिक कानून लागू करने का प्रावधान।
बहुविवाह (Polygamy) और एक साथ कई विवाह पर रोक।
निकाह हलाला जैसी प्रथाओं पर प्रतिबंध का प्रावधान।
लिव-इन रिलेशनशिप के लिए विशेष कानूनी प्रावधान।
विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और गोद लेने के मामलों में समान नियम।
अनुसूचित जनजातियों (Scheduled Tribes) को संविधान के प्रावधानों के अनुसार कानून के दायरे से बाहर रखा गया है।
विधानसभा में जोरदार बहस
विधेयक को लेकर विधानसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। कांग्रेस ने बिल का विरोध किया, जबकि भाजपा ने इसे सामाजिक न्याय और महिलाओं के अधिकारों को मजबूत करने वाला कानून बताया। अंततः विधेयक ध्वनिमत से पारित हो गया।
UCC लागू करने वाला दूसरा राज्य बनेगा मध्य प्रदेश
उत्तराखंड के बाद मध्य प्रदेश UCC लागू करने वाला देश का दूसरा राज्य बनने की ओर बढ़ रहा है। राज्य सरकार का दावा है कि व्यापक जनसुझाव के आधार पर विधेयक तैयार किया गया और इसे 93% से अधिक लोगों का समर्थन मिला।