उज्जैन। सड़क चौड़ीकरण के लिए उज्जैन के प्राचीन खड़े हनुमान मंदिर की प्रतिमा के विस्थापन को लेकर प्रशासन ने फिलहाल तकनीकी परीक्षण शुरू कराया है। लगातार प्रयासों के बावजूद प्रतिमा को सुरक्षित तरीके से हटाया नहीं जा सका है, जिसके बाद विशेषज्ञों की तकनीकी राय लेने का निर्णय लिया गया है।
नगर निगम के अपर आयुक्त संतोष टैगोर ने बताया कि प्रतिमा के तकनीकी परीक्षण की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने कहा कि मंदिर के पुजारी की सहमति और मार्गदर्शन के साथ ही आगे की कार्रवाई की जा रही है।
2 से 4 दिन में आएगी तकनीकी रिपोर्ट
प्रशासन के अनुसार तकनीकी रिपोर्ट आने के बाद प्रतिमा की संरचना, आधार और उसे सुरक्षित तरीके से विस्थापित करने की संभावनाओं का आकलन किया जाएगा। इसके बाद पुजारी और संबंधित धार्मिक संगठनों से चर्चा कर आपसी सहमति से प्रतिमा के विस्थापन पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
प्रतिमा को हटाने के कई प्रयास विफल होने के बाद अब प्रशासन जल्दबाजी के बजाय तकनीकी विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर आगे बढ़ रहा है।
श्रद्धालुओं में भी बढ़ी उत्सुकता
प्रतिमा के नहीं हिलने की खबर के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौके पर पहुंच रहे हैं। वहीं साधु-संत और धार्मिक संगठन भी प्रतिमा के विस्थापन को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज करा रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि प्रतिमा की सुरक्षा और धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए ही अगला कदम उठाया जाएगा।