भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा ने मध्यप्रदेश अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं विधेयक-2026 पारित कर दिया है। नए कानून का उद्देश्य प्रदेश में फायर सेफ्टी व्यवस्था को एकरूप बनाने के साथ दमकल सेवाओं को तेज और जवाबदेह बनाना है। सरकार के मुताबिक शहरों में फायर ब्रिगेड की पहुंच 10 मिनट और ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकतम 20 मिनट के भीतर सुनिश्चित करने के लिए फायर स्टेशनों की मैपिंग और विस्तार किया जाएगा।
आग की झूठी सूचना पर ₹20 हजार तक जुर्माना
नए प्रावधानों में आग लगने की गलत या झूठी सूचना देने वालों पर ₹20 हजार तक जुर्माने का प्रावधान है। वहीं आग बुझाने के दौरान फायर विभाग को जरूरत के अनुसार निजी परिसरों में प्रवेश करने और निजी जलस्रोतों से पानी लेने जैसी शक्तियां भी दी गई हैं।
लापरवाही पर कार्रवाई, नुकसान की भरपाई
यदि किसी व्यक्ति की लापरवाही या असावधानी से आग लगती है और आसपास की संपत्ति को नुकसान पहुंचता है, तो नुकसान की भरपाई की जिम्मेदारी संबंधित व्यक्ति पर डाली जा सकती है। फायर सेफ्टी नियमों के उल्लंघन पर आर्थिक दंड का भी प्रावधान किया गया है।
15 मीटर से ऊंची इमारतों में फायर सेफ्टी जरूरी
नए कानून के तहत 15 मीटर से अधिक ऊंची इमारतों, अस्पतालों, स्कूलों, मॉल, बड़े व्यावसायिक परिसरों और अन्य संवेदनशील भवनों में फायर सेफ्टी नियमों का पालन अनिवार्य होगा। फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट और नियमों के उल्लंघन पर जुर्माने का प्रावधान है।
फायर स्टेशन बढ़ेंगे
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने विधानसभा में कहा कि प्रदेश की मैपिंग कर यह तय किया जाएगा कि कहां कितनी दूरी पर फायर स्टेशन की जरूरत है। सरकार ने बताया कि इसके लिए केंद्र से ₹300 करोड़ और राज्य सरकार से ₹100 करोड़ की राशि उपलब्ध कराई गई है तथा नए फायर स्टेशन बनाने का काम शुरू हो चुका है।
फायर टैक्स का भी प्रावधान
फायर सेवाओं के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए नगर निगम, नगर पालिका और नगर परिषदों के माध्यम से फायर टैक्स वसूलने का प्रावधान भी किया गया है। इससे मिलने वाली राशि का इस्तेमाल अग्निशमन व्यवस्था को मजबूत करने में किया जाएगा।