इंदौर में जल संकट को लेकर प्रशासन वाकई बहुत चिंतित है। संयोग से स्थानीय शासन मंत्री भी स्थानीय ही हैं। कैलाश विजयवर्गीय बैठक बुलाकर शहर की जनता से पानी बचाने का आग्रह कर रहे हैं। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बाकायदा सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर जनता से अपील की है कि वह बूंद-बूंद पानी बचाएं, क्योंकि अल्प वर्षा के कारण इस वर्ष दिसंबर माह के बाद ही वैसी स्थितियां निर्मित हो जाएंगी, जैसी प्रति वर्ष अप्रैल में हो जाती हैं। वर्तमान में ही 300 टैंकर पानी सप्लाई के काम में लग चुके हैं।
वास्तव में जल संकट की स्थिति बहुत गंभीर है। सामान्य से कम वर्षा कर मानसून इस वर्ष अलविदा कह गया है, यह बात अलग है कि शहर में अभी कहीं-कहीं बूंदाबांदी हो रही है तथा होशियारचंद पुराने तेज वर्षा के वीडियो डालकर लोगों को आश्वस्त कर रहे हैं कि पुनः झमाझम वर्षा हो गई है, जबकि वास्तविकता किसी से छिपी नहीं है।
पानी का संकट विकराल है। प्रशासन और नगर निगम इस संबंध में बहुत गंभीर हैं। केवल वे शहर में चल रहे मकानों के निर्माण कार्य नहीं रुकवा रहे हैं तथा ट्यूबवेल खनन भी विभिन्न विभागों की सांठगांठ से चल रहे हैं। मंत्री से लेकर जिला प्रशासन और नगर निगम आज भी जल संकट को लेकर घड़ियाली आँसू बहा रहे हैं। उन्हें समझना चाहिए कि उनके आँसुओं से जल संकट का समाधान नहीं होगा। शहर में चल रहे निर्माण एवं अवैध ट्यूबवेल खनन पर रोक बहुत जरूरी है।