चैतन्यलोक
संपादकीय

आंदोलन से पद की प्राप्ति मात्र संयोग

Author

Deepak Sharma

13 Oct 2026 | 11:23 AM
आंदोलन से पद की प्राप्ति मात्र संयोग

वास्तव में जो अल्पबुद्धि होता है उसको समझाना बड़ा मुश्किल होता है... ये मात्र संयोग है कि अण्णा हजारे के भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन से उनका शिष्य अरविंद केजरीवाल दिल्ली के मुख्यमंत्री का पद पा गया, यह बात राहुल गांधी के गले उतर गई, वे आंदोलन के जरिये प्रधानमंत्री बनने का स्वप्न देख रहे हैं। वर्तमान में भी चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को निशाना बनाकर वोट चोरी के खिलाफ वे आंदोलन कर रहे हैं जिसके पीछे उनका एकमात्र मकसद प्रधानमंत्री की कुर्सी पाना ही है। ज्ञातव्य है कि इससे पहले वे भारत जोड़ों यात्रा भी निकाल चुके हैं। काक्रोचों के आंदोलन में भी अपनी टांग फंसा चुके हैं, प्रधानमंत्री श्री मोदी और अमित शाह के विरुद्ध उनके सारे पैंतरे असफल साबित हो जाते हैं, उन्हें कैसे समझाएं कि केजरीवाल जैसे संयोग हमेशा नहीं हो सकते। भारत की जनता अब गांधी परिवार के इरादों को भांप गई है। भीतरखाने अल्पसंख्यकों के हितों में काम करने से पूरी पार्टी बदनाम हो गई है, कांग्रेस में जो लायक नेता थे वे भूमिगत हो गए हैं क्योंकि वे गांधी परिवार के हाथ के नीचे काम करना नहीं चाहते, लोगों को इस बात का भी आश्चर्य है कि विशेष मकसद को लेकर किए जा रहे आंदोलन को आखिर सरकार कूचल क्यों नहीं रही।

जनहित के बहुत सारे मुद्दे इस समय मुंहबाए खड़े हैं लेकिन विपक्षी दल कांग्रेस केवल एक सूत्रीय मुद्दे पर मुखर है। महंगाई का बड़ा मुद्दा है, कई राज्य सूखे की चपेट में हैं, जनता से जुड़ी समस्याओं के विरुद्ध आंदोलन के बजाय वोट चोरी को मुख्य मुद्दा कांग्रेस ने बना रखा है, यह समझ से परे है। ज्यादातर लोगों का मत है कि राहुल अमेरिका के इशारों पर चल रहा है, क्योंकि मोदीजी अमेरिका के हाथ नहीं आ रहे हैं वे उसकी मुखालफत कर रहे हैं ऐसे में वह राहुल जैसे नेता को आगे बढ़ाना चाहता है जबकि वर्तमान में कांग्रेस की संगठनात्मक स्थिति बहुत लचर है, ऐसा लगता है कि यह राहुल का आखिरी दांव है, यह भी असफल होता प्रतीत हो रहा है।

दीपक शर्मा
दैनिक चैतन्यलोक

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