इंदौर। ड्रग्स प्रकरण में घिरे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई कुलभूषण उर्फ नाना पटवारी पर पुलिस का शिकंजा और कस गया है। राजेंद्र नगर थाना पुलिस ने बुधवार को उन्हें दोबारा पूछताछ के लिए बुलाया है। इस बार जांच के दायरे में कॉलोनाइजर सुमित मंत्री का नाम भी जुड़ गया है।
प्लॉट के अनुबंध पत्र की होगी जांच
पुलिस के अनुसार नाना पटवारी को शुभम वैली स्थित एक प्लॉट से जुड़ी शिकायत को लेकर बुलाया गया है। पलासिया निवासी युवती पायल ने इस संबंध में धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी। जांच में सामने आया कि प्लॉट का अनुबंध नाना पटवारी के नाम पर हुआ था, जबकि कॉलोनी सुमित मंत्री की बताई जा रही है। इसी वजह से दोनों से अलग-अलग पूछताछ कर अनुबंध पत्र का सत्यापन किया जाएगा, इसके बाद युवती के साथ आमना-सामना भी कराया जा सकता है।
डीसीपी जोन-1 नरेंद्र सिंह रावत ने बताया कि सभी संबंधित लोगों के पिछले पांच साल के बैंक खातों की पड़ताल की जा रही है ताकि लेनदेन की पुष्टि हो सके। हालांकि नाना पटवारी पहले ही युवती के साथ किसी भी आर्थिक लेनदेन से इनकार कर चुके हैं।
ऑनलाइन सट्टा और ड्रग्स नेटवर्क पर भी नजर
राजेंद्र नगर के अलावा राऊ और तेजाजी नगर थाना पुलिस भी इस जांच में जुटी है। पुलिस ने पीथमपुर से प्रितेश त्रिपाठी को गिरफ्तार किया है, जिसका ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क से जुड़ाव सामने आया है। सूत्रों के अनुसार उसका संपर्क नाना पटवारी के करीबी संजय कौशल से भी रहा है। बंटी असरानी सहित कुछ अन्य आरोपी अभी फरार बताए जा रहे हैं।
पुलिस ने इससे पहले सोमवार को नाना पटवारी के पूर्व चालक भुरु बैंड के साथी फैजल को भी गिरफ्तार किया था। डीसीपी के मुताबिक इरफान ने नाना के कहने पर भुरु से ड्रग्स मंगवाई थी, जिसके एवज में क्यूआर कोड से 10 हजार रुपये फैजल के खाते में भेजे गए थे।
पुराने मामलों की भी दोबारा समीक्षा
जांच का दायरा बढ़ने के साथ ही पुलिस नाना पटवारी से जुड़े पुराने मामलों की फाइलें भी खंगाल रही है, जिनमें लसूड़िया थाना क्षेत्र का खुशी कुलवाल आत्महत्या प्रकरण और विजय नगर थाना क्षेत्र का एमडी ड्रग्स मामला शामिल है।