चैतन्यलोक
विदेश

रूस-यूक्रेन युद्ध में ट्रंप का ‘एनर्जी सीजफायर’ का दावा, जेलेंस्की बोले- घोषणा की जानकारी नहीं

Author

Akriti sharma

12 Oct 2026 | 11:13 AM
रूस-यूक्रेन युद्ध में ट्रंप का ‘एनर्जी सीजफायर’ का दावा, जेलेंस्की बोले- घोषणा की जानकारी नहीं

वॉशिंगटन/कीव। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि दोनों देश ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने के लिए तत्काल प्रभाव से ‘एनर्जी सीजफायर’ पर सहमत हो गए हैं। हालांकि, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा कि उन्हें इस समझौते की पहले से जानकारी नहीं थी। रूस की ओर से भी तत्काल कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई। ऐसे में सीजफायर लागू होने और उसकी शर्तों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।

ट्रंप बोले- तत्काल प्रभाव से लागू होगा सीजफायर

ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर लिखा कि रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध में तत्काल प्रभाव से एनर्जी सीजफायर लागू हो गया है। उन्होंने दोनों पक्षों के सहमत होने का दावा करते हुए समझौते का पालन करने की अपील की।

हालांकि, ट्रंप ने यह स्पष्ट नहीं किया कि समझौते के तहत किन ऊर्जा ठिकानों को निशाना नहीं बनाया जाएगा, इसकी निगरानी कौन करेगा और उल्लंघन होने पर क्या कदम उठाए जाएंगे।

जेलेंस्की बोले- हमें समझौते की जानकारी नहीं

यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि ट्रंप की घोषणा उनके लिए नई जानकारी थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि रूस यूक्रेन के ऊर्जा ढांचे पर हमले रोकता है, तो यूक्रेन भी रूसी ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने के लिए तैयार है।

जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन इस पहल का समर्थन करता है, लेकिन रूस को भी इसका पालन करना होगा। उन्होंने समझौते की शर्तों और उसके क्रियान्वयन को लेकर अमेरिकी पक्ष से अतिरिक्त जानकारी मांगी है।

ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने की मांग

रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में बिजली संयंत्र, तेल रिफाइनरी और ऊर्जा आपूर्ति से जुड़े बुनियादी ढांचे लगातार निशाने पर रहे हैं। ऐसे हमलों का असर बिजली आपूर्ति, ईंधन उपलब्धता और आम नागरिकों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ता है।

जेलेंस्की पहले भी कह चुके हैं कि यदि रूस यूक्रेन के ऊर्जा ढांचे पर हमले रोकता है, तो कीव रूसी तेल रिफाइनरियों पर हमले रोकने के लिए तैयार है। यूक्रेन ने किसी भी युद्धविराम के लिए पारस्परिक सहमति और ठोस गारंटी की जरूरत पर जोर दिया है।

क्या युद्ध में तनाव कम होगा?

यदि दोनों देश वास्तव में ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने के समझौते का पालन करते हैं, तो इससे नागरिक बुनियादी ढांचे को राहत मिल सकती है। लेकिन फिलहाल समझौते की शर्तों, निगरानी व्यवस्था और रूस की आधिकारिक प्रतिक्रिया को लेकर स्पष्टता नहीं है।

इसलिए ट्रंप की घोषणा को फिलहाल युद्धविराम के दावे के रूप में देखना जरूरी है। वास्तविक स्थिति इस बात पर निर्भर करेगी कि मॉस्को और कीव औपचारिक रूप से सहमति की पुष्टि करते हैं या नहीं और जमीनी स्तर पर हमले रुकते हैं या नहीं।

टिप्पणियाँ (0)

टिप्पणी करने के लिए लॉग इन या रजिस्टर करें।

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!

होम वीडियो Sports श्रेणियाँ ई-पेपर