नई दिल्ली: सामाजिक कार्यकर्ता और पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक ने अपना आमरण अनशन समाप्त कर दिया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह उनके पास पहुंचे और जूस पिलाकर उनका अनशन समाप्त कराया।
सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों और सोनम वांगचुक के बीच हुई बातचीत के बाद यह निर्णय लिया गया। अनशन समाप्त होने के साथ ही सरकार और आंदोलनकारियों के बीच संवाद की प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
सोनम वांगचुक पिछले कई दिनों से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आमरण अनशन पर थे। उनके स्वास्थ्य को देखते हुए चिकित्सकों की टीम लगातार निगरानी कर रही थी। इस बीच केंद्रीय मंत्रियों की मुलाकात के बाद गतिरोध समाप्त हुआ और उन्होंने अपना अनशन खत्म कर दिया।
अनशन समाप्त होने के बाद अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार उनकी मांगों पर आगे क्या कदम उठाती है। यदि बातचीत सकारात्मक दिशा में बढ़ती है तो लंबे समय से जारी विवाद के समाधान की संभावना भी मजबूत हो सकती है।
यह घटनाक्रम राष्ट्रीय राजनीति और लद्दाख से जुड़े मुद्दों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।