उज्जैन। आलोट से भाजपा विधायक डॉ. चिंतामण मालवीय ने देश के प्रमुख मंदिरों को राज्य सरकारों के सीधे नियंत्रण से मुक्त करने की मांग उठाई है। उन्होंने मंदिरों के प्रबंधन और संचालन के लिए केंद्र सरकार के स्तर पर ‘सनातन बोर्ड’ के गठन का प्रस्ताव रखा है।
विधायक मालवीय ने कहा कि हिंदू मंदिरों की व्यवस्थाएं संत समाज और हिंदू धर्माचार्यों की देखरेख में होनी चाहिए। उनके मुताबिक, सरकार की भूमिका मंदिरों की सुरक्षा, सुविधाओं और व्यवस्थाओं तक सीमित रहनी चाहिए, जबकि मंदिरों के चढ़ावे और संपत्ति पर धार्मिक संस्थाओं का प्रबंधन होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अन्य धर्मों के धार्मिक स्थलों के लिए जिस तरह अलग-अलग बोर्ड और व्यवस्थाएं मौजूद हैं, उसी तरह हिंदू मंदिरों के लिए भी स्वतंत्र व्यवस्था की जरूरत है।
मंदिरों की आय के उपयोग पर भी रखी राय
चिंतामण मालवीय ने कहा कि मंदिरों से प्राप्त आय का इस्तेमाल सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार, गौशालाओं, गुरुकुलों, अस्पतालों और धार्मिक शिक्षा जैसे कार्यों में किया जाना चाहिए।
उन्होंने दावा किया कि सनातन बोर्ड के गठन से मंदिरों की पवित्रता, पारदर्शिता और स्वायत्तता सुनिश्चित की जा सकती है। विधायक ने केंद्र और राज्य सरकारों से इस दिशा में विचार करने की मांग की है।