केंद्रीय रेल राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार नहीं) एवं खाद्य प्रसंस्करण राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर उनका इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है। हालांकि सरकार की ओर से इस्तीफे का आधिकारिक कारण नहीं बताया गया है।
रिपोर्टों के अनुसार, बिट्टू का राज्यसभा कार्यकाल समाप्त होने के बाद उन्हें दोबारा नामित नहीं किया गया था। साथ ही, पार्टी नेतृत्व ने उन्हें पंजाब में संगठन को मजबूत करने की जिम्मेदारी देने के संकेत दिए हैं। अगले वर्ष होने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव को देखते हुए उन्हें बड़ी राजनीतिक भूमिका मिल सकती है।
इससे पहले केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन के इस्तीफे के बाद एक महीने के भीतर यह मोदी सरकार में दूसरा बड़ा इस्तीफा है। राजनीतिक गलियारों में इसे संभावित केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि सरकार ने अभी तक व्यापक कैबिनेट फेरबदल की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है।
वहीं, NEET विवाद को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग विपक्ष लगातार उठा रहा है। ऐसे में राजनीतिक विश्लेषकों के बीच यह चर्चा तेज है कि आने वाले दिनों में केंद्रीय मंत्रिमंडल में बदलाव देखने को मिल सकते हैं। हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।