दिल्ली: भारत की मेजबानी में आयोजित 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में बड़ी कूटनीतिक सफलता हासिल हुई है। सदस्य देशों ने ‘न्यू दिल्ली डिक्लेरेशन 2026’ को सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी है। किसी भी सदस्य देश ने घोषणापत्र पर आपत्ति नहीं जताई।
इससे पहले घोषणापत्र को लेकर ईरान और UAE के बीच पश्चिम एशिया के संघर्ष पर मतभेद के कारण सहमति बनना चुनौतीपूर्ण माना जा रहा था। कई दौर की बातचीत के बाद सदस्य देशों ने साझा भाषा पर सहमति बनाई और संयुक्त घोषणा को स्वीकार किया।
आतंकवाद के खिलाफ साझा रुख
न्यू दिल्ली डिक्लेरेशन में आतंकवाद की सभी रूपों में स्पष्ट निंदा, संघर्षों के शांतिपूर्ण समाधान और वैश्विक शांति पर जोर दिया गया है। इसके साथ ही वैश्विक शासन संस्थाओं में सुधार और बहुपक्षीय व्यवस्था को मजबूत करने की बात कही गई है। भारत की संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता की दावेदारी के समर्थन को भी प्रमुख मुद्दों में शामिल किया गया है।
घोषणापत्र में वैश्विक व्यापार को सुचारु बनाए रखने, एकतरफा टैरिफ और गैर-टैरिफ व्यापार बाधाओं पर चिंता तथा आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है।
भारत के लिए बड़ी कूटनीतिक उपलब्धि
भारत की अध्यक्षता में घोषणापत्र पर आम सहमति बनना इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि BRICS के विस्तार के बाद समूह के भीतर अलग-अलग वैश्विक मुद्दों पर मतभेद बढ़े हैं। ऐसे समय में साझा घोषणा पर सहमति को भारत की कूटनीतिक पहल की बड़ी सफलता के तौर पर देखा जा रहा है।