भोपाल/इंदौर। मध्यप्रदेश में मानसून का असर एक बार फिर अलग-अलग हिस्सों में देखने को मिल रहा है। 10 अगस्त को प्रदेश के 17 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं इंदौर में सोमवार सुबह रिमझिम बारिश का दौर शुरू हुआ, जिससे उमस और गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
मौसम विभाग के अनुसार रायसेन, नर्मदापुरम, जबलपुर, नरसिंहपुर और सिवनी में कहीं-कहीं अति भारी बारिश हो सकती है। वहीं विदिशा, राजगढ़, बैतूल, गुना, कटनी, छिंदवाड़ा, मंडला, बालाघाट, दमोह, सागर, छतरपुर और पांढुर्णा में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
MP में अब तक 19% कम बारिश
मध्यप्रदेश में मानसून सीजन के दौरान अब तक औसत से 19 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। पूर्वी मध्यप्रदेश में बारिश 20 प्रतिशत और पश्चिमी मध्यप्रदेश में 18 प्रतिशत कम है। इंदौर में भी अब तक सामान्य से करीब 10 प्रतिशत कम बारिश दर्ज हुई है।
हालांकि बुरहानपुर, खरगोन और देवास ऐसे जिले हैं, जहां सामान्य से अधिक बारिश हुई है। इंदौर संभाग के अधिकांश अन्य जिलों में बारिश औसत से कम बनी हुई है।
इंदौर-उज्जैन में कब होगी अच्छी बारिश?
प्रभावी मानसून सिस्टम नहीं बनने के कारण इंदौर संभाग में अगले कुछ दिनों तक छिटपुट बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। सप्ताह के मध्य में उज्जैन और आलीराजपुर में अच्छी बारिश होने के आसार हैं। फिलहाल बारिश का जोर पूर्वी मध्यप्रदेश में ज्यादा बना हुआ है।
मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर-पूर्वी मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के आसपास कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय है। मानसून ट्रफ भी प्रदेश से होकर गुजर रही है। इसके अलावा पश्चिमी विक्षोभ और दक्षिण-मध्य महाराष्ट्र के ऊपर ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण भी सक्रिय है। इन मौसम प्रणालियों के प्रभाव से पूर्वी मध्यप्रदेश में बारिश का दौर मजबूत हुआ है।