कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने हल्द्वानी में मंच के कथित शुद्धिकरण को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि इस घटना से उन्हें Untouchability (छुआछूत) का एहसास कराया गया और उनका अपमान हुआ।
खड़गे ने कहा, “मैं इस बात को राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाना चाहता। मैं वर्षों से इस सदन का सदस्य हूं और निचले सदन में भी रहा हूं।” उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी अपनी जाति का हवाला देकर किसी से सुरक्षा या सहानुभूति की मांग नहीं की।
कांग्रेस नेता ने कहा, “मैंने कभी किसी से यह नहीं कहा कि मैं दलित हूं, मेरी रक्षा करो और न ही किसी के सामने गिड़गिड़ाया। मुझमें लड़ने की शक्ति है और मैं लड़ता हूं।”
हल्द्वानी की घटना का जिक्र करते हुए खड़गे ने कहा कि मंच का शुद्धिकरण किए जाने से उन्हें छुआछूत का एहसास कराया गया। उन्होंने इसे अपने लिए अपमानजनक बताया।