उज्जैन। महाकालेश्वर मंदिर में VIP प्रोटोकॉल के तहत दर्शन करने पहुंचे राजस्थान के चार श्रद्धालुओं और मंदिर सुरक्षा गार्ड के बीच विवाद हो गया। लाइन में खड़े होने को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते मारपीट तक पहुंच गया। मामले में महाकाल थाना पुलिस ने चारों श्रद्धालुओं के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा सहित विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों का मेडिकल भी कराया है।
जानकारी के मुताबिक, चारों श्रद्धालुओं को VIP प्रोटोकॉल के तहत दर्शन के लिए लाया गया था। इसी दौरान मंदिर गार्ड ने उन्हें लाइन में निर्धारित स्थान पर खड़े होने के लिए कहा। आरोप है कि इस बात को लेकर चारों श्रद्धालु नाराज हो गए और गार्ड से अभद्रता करने लगे।
सहायक प्रशासक से भी विवाद
विवाद की सूचना मिलने पर मंदिर के सहायक प्रशासक आशीष फलवाडिया मौके पर पहुंचे। उन्होंने श्रद्धालुओं को समझाकर मामला शांत कराने का प्रयास किया। आरोप है कि इस दौरान श्रद्धालुओं ने उनके साथ भी हाथापाई करने की कोशिश की। बीच-बचाव करने आए मंदिर गार्ड के साथ भी मारपीट हो गई।
पुलिस के अनुसार, इससे पहले लड्डू प्रसाद काउंटर पर भी श्रद्धालुओं द्वारा विवाद किए जाने की जानकारी सामने आई है। आरोप है कि उन्होंने मंदिर के अधिकारियों और गार्ड को अपने प्रभाव का हवाला देते हुए नौकरी से हटवाने की धमकी भी दी।
चारों आरोपियों पर केस दर्ज
महाकाल थाना पुलिस ने सुनील पारिख, प्रिंस पारिख, सागरिका पारिख और रचना पारिख, सभी निवासी जयपुर, के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपियों पर BNS की धारा 132, 121(1), 296(B), 351(3) और 115 के तहत कार्रवाई की गई है।
पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि चारों श्रद्धालु किस VIP प्रोटोकॉल या सिफारिश के आधार पर मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे थे और विवाद के दौरान उनके द्वारा प्रभाव का हवाला दिए जाने की बात कितनी सही है।