उज्जैन। धर्मनगरी उज्जैन आज एक बार फिर बाबा महाकाल के जयकारों से गूंजेगी। सोमवार, 7 सितंबर 2026 को सावन-भादौ की अंतिम और भव्य शाही सवारी निकलेगी। राजाधिराज बाबा महाकाल शाम 4 बजे चांदी की पालकी में सवार होकर नगर भ्रमण पर निकलेंगे। देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के उज्जैन पहुंचने की उम्मीद है।
6 घंटे चलेगी बाबा महाकाल की शाही सवारी
सभा मंडप में पूजन के बाद शाम 4 बजे सवारी शुरू होगी। महाकाल मंदिर के मुख्य द्वार पर सशस्त्र बलों की टुकड़ी बाबा महाकाल को गार्ड ऑफ ऑनर देगी। इसके बाद पालकी नगर भ्रमण के लिए रवाना होगी।
शाही सवारी का मार्ग सामान्य सवारियों की तुलना में लंबा रहेगा और करीब 5.5 किलोमीटर के मार्ग पर बैंड, झांकियां और भजन मंडलियां शामिल होंगी। सवारी करीब 6 घंटे बाद रात 10 बजे मंदिर पहुंचेगी।
ये रहेगा शाही सवारी का रूट और टाइमिंग
4:00 बजे – महाकाल मंदिर से प्रस्थान
4:20 बजे – कोट मोहल्ला
4:30 बजे – गुदरी चौराहा
4:45 बजे – बक्शी बाजार
5:00 बजे – हरसिद्धि पाल
5:15 बजे – रामघाट
6:00 बजे – मुंबई वाले की धर्मशाला
6:30 बजे – गणगौर दरवाजा
7:00 बजे – सत्यनारायण मंदिर
7:30 बजे – कमरी मार्ग
7:45 बजे – टंकी चौराहा
8:00 बजे – तेलीवाड़ा चौराहा
8:30 बजे – कंठाल चौराहा
9:00 बजे – गोपाल मंदिर
9:30 बजे – गुदरी चौराहा
9:45 बजे – कोट मोहल्ला
10:00 बजे – महाकाल मंदिर वापसी
रामघाट पर क्षिप्रा जल से बाबा महाकाल का पूजन किया जाएगा। शाही सवारी के लिए सामान्य सवारी की तुलना में विस्तृत मार्ग निर्धारित किया गया है।
70 भजन मंडलियां और कई बैंड होंगे शामिल
शाही सवारी में महाकालेश्वर मंदिर का प्रचार वाहन, भजन मंडलियां, तोपची, यातायात पुलिस, महाकाल का रजत ध्वज, घुड़सवार, सशस्त्र बल, स्काउट-गाइड और सेवा समिति का बैंड शामिल रहेगा।
करीब 70 भजन मंडलियां सवारी का हिस्सा बनेंगी। इनके अलावा शहर और बाहर से आए बैंड भी प्रस्तुति देंगे।
6 अलग-अलग स्वरूपों में होंगे बाबा महाकाल के दर्शन
शाही सवारी में भक्तों को बाबा महाकाल के छह स्वरूपों के दर्शन होंगे—
पालकी में चंद्रमौलेश्वर
हाथी पर मनमहेश
गरुड़ रथ पर शिव तांडव
नंदी रथ पर उमा-महेश
डोल रथ पर होल्कर स्टेट मुखारविंद
सप्तधान मुखारविंद
पहली बार शाही सवारी में ड्रोन से पुष्पवर्षा
इस बार शाही सवारी का सबसे खास आकर्षण ड्रोन से पुष्पवर्षा होगी। सवारी मार्ग पर अलग-अलग स्थानों पर पुष्पवर्षा की जाएगी। इसके लिए बड़ी मात्रा में फूलों की व्यवस्था की गई है।
शाही सवारी के दौरान गार्ड ऑफ ऑनर, रामघाट पर पूजन और गोपाल मंदिर सहित प्रमुख स्थानों पर पुष्पवर्षा की विशेष व्यवस्था रहेगी। शाही सवारी में ड्रोन से पुष्पवर्षा की योजना पहले से घोषित कार्यक्रम का हिस्सा है।