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भारत पर लग सकता है 100% अमेरिकी टैरिफ, रूसी क्रूड ऑयल खरीद बनी वजह

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16 Jul 2026 | 11:08 AM
भारत पर लग सकता है 100% अमेरिकी टैरिफ, रूसी क्रूड ऑयल खरीद बनी वजह

अमेरिकी सांसदों के एक द्विदलीय समूह ने रूस पर संशोधित सैंक्शन बिल पेश किया है, जिसमें रूसी क्रूड ऑयल और गैस के पांच सबसे बड़े खरीदार देशों पर 100 प्रतिशत टैरिफ का प्रस्ताव रखा गया है। इस सूची में भारत का नाम भी शामिल है।

यह बिल मूल रूप से सीनेटर लिंडसे ग्राहम की अगुवाई में लाया गया था, जिनका 12 जुलाई को निधन हो गया था। पहले इस बिल में रूसी ऊर्जा के लगभग सभी खरीदारों पर 500 प्रतिशत टैरिफ का प्रस्ताव था, लेकिन संशोधित संस्करण में इसका दायरा घटाकर पांच सबसे बड़े खरीदारों तक सीमित कर दिया गया है, जिनमें चीन, भारत, हंगरी, स्लोवाकिया और अजरबैजान शामिल हैं। अधिकांश यूरोपीय देशों को इससे बाहर रखा गया है।

मैरीटाइम इंटेलिजेंस फर्म Kpler के अनुसार जून में भारत का रूसी क्रूड आयात रिकॉर्ड 25.8 लाख बैरल प्रतिदिन तक पहुंच गया, जो पश्चिम एशियाई उत्पादकों की सीमित आपूर्ति और मॉस्को की ओर से मिल रही छूट के चलते संभव हुआ। जून में भारत के कुल क्रूड आयात में रूस की हिस्सेदारी लगभग आधी रही।

संशोधित बिल राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को यह अधिकार भी देता है कि अगर वे इसे अमेरिकी हित में मानें तो प्रतिबंधों में छूट दे सकते हैं। यह विधेयक ऐसे समय आया है जब भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर बातचीत अटकी हुई है। वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने सोमवार को कहा कि सही समय पर समझौते पर हस्ताक्षर होंगे।

Kpler के विश्लेषक सुमित रितोलिया के अनुसार भारतीय रिफाइनरियों के लिए फिलहाल रूसी क्रूड का कोई किफायती विकल्प उपलब्ध नहीं है। US-ईरान तनाव बढ़ने के बाद 15 जुलाई को ब्रेंट क्रूड 85 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया, जो एक हफ्ते पहले करीब 75 डॉलर था।

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