नई दिल्ली। UPI यूजर्स के लिए बड़ी खबर है। सरकार ने ₹2,000 तक के UPI ट्रांजैक्शन को शुल्क-मुक्त रखने की अधिसूचना जारी कर दी है, लेकिन इसके साथ ही ₹2,000 से अधिक के चुनिंदा मर्चेंट पेमेंट पर शुल्क लगाने का रास्ता भी साफ हो गया है।
नई व्यवस्था के तहत ₹2,000 तक के UPI पेमेंट पर बैंक या पेमेंट सिस्टम प्रोवाइडर सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से कोई चार्ज नहीं लगा सकेंगे। वहीं, ₹2,000 से अधिक के कुछ मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर भविष्य में Merchant Discount Rate (MDR) लागू किया जा सकता है। हालांकि, अभी इसकी दर और लागू होने की अंतिम व्यवस्था तय नहीं हुई है।
ग्राहक को नहीं देना होगा चार्ज
सबसे अहम बात यह है कि आम ग्राहक से UPI इस्तेमाल करने का कोई ट्रांजैक्शन चार्ज नहीं लिया जाएगा। सरकार ने साफ किया है कि Person-to-Person यानी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को किया गया UPI ट्रांसफर भी फ्री रहेगा, चाहे रकम कितनी भी हो।
संभावित MDR मर्चेंट और पेमेंट सिस्टम के बीच शुल्क होगा। यानी यदि भविष्य में ₹5,000 के किसी मर्चेंट पेमेंट पर 0.3% MDR लागू होता है तो शुल्क ₹15 होगा। हालांकि 0.3% से 0.5% की दर अभी आधिकारिक रूप से तय नहीं हुई है, इसलिए इसे अनुमान के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
UPI पर क्या बदलेगा?
₹2,000 तक UPI पेमेंट: कोई चार्ज नहीं
P2P ट्रांसफर: फ्री
₹2,000 से ज्यादा मर्चेंट पेमेंट: शुल्क लगाने की संभावना
चार्ज की दर: अभी तय नहीं
चार्ज किससे: मर्चेंट/पेमेंट इकोसिस्टम पर MDR लागू होने की संभावना
ग्राहक पर सीधा UPI चार्ज: नहीं
यानी “अब UPI फ्री नहीं रहेगा” कहना पूरी तरह सही नहीं है। सही बात यह है कि सरकार ने बड़े मर्चेंट UPI पेमेंट पर भविष्य में शुल्क लागू करने का रास्ता खोला है, जबकि आम यूजर के लिए UPI भुगतान अभी भी मुफ्त रहेगा।