नई दिल्ली। अरुणाचल प्रदेश में भारत-चीन सीमा पर कई स्थानों पर जारी आमने-सामने की स्थिति को लेकर देश में राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के महानिदेशक शत्रुजीत सिंह कपूर के बयान के बाद कांग्रेस ने केंद्र सरकार से सवाल किए हैं। पार्टी ने आरोप लगाया कि सीमा पर तनाव को लेकर सरकार देश को स्पष्ट जानकारी नहीं दे रही है।
ITBP प्रमुख ने गुरुवार को राजस्थान के अलवर में बल के जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि हाल के दिनों में अरुणाचल प्रदेश में कई स्थानों पर आमने-सामने की स्थिति बनी थी, जो अभी भी जारी है। उन्होंने कहा कि इन परिस्थितियों में ITBP की विशेष ‘शौर्य’ कमांडो टीमों ने अच्छा प्रदर्शन किया है। हालांकि, उनके बयान में सामने वाली सेना का नाम स्पष्ट रूप से नहीं लिया गया।
ITBP का वीडियो पोस्ट कर हटाया गया
ITBP ने गुरुवार देर रात सोशल मीडिया पर कार्यक्रम के वीडियो का एक हिस्सा साझा किया था, लेकिन बाद में उसे हटा दिया गया। वीडियो में दिए गए बयान के सामने आने के बाद सीमा की स्थिति को लेकर सवाल उठने लगे। खबर प्रकाशित होने तक ITBP की ओर से इस वीडियो को हटाने पर कोई विस्तृत स्पष्टीकरण सामने नहीं आया था।
कांग्रेस ने प्रधानमंत्री से मांगा जवाब
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि ITBP प्रमुख ने अरुणाचल प्रदेश में हालिया टकरावों का उल्लेख किया है, लेकिन प्रधानमंत्री और सरकार की ओर से इस गंभीर मुद्दे पर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं आई है।
रमेश ने दावा किया कि स्थानीय लोगों ने कुछ पारंपरिक गश्ती बिंदुओं तक भारतीय पक्ष की पहुंच प्रभावित होने की शिकायत की है। उन्होंने चीन की ओर से अरुणाचल प्रदेश के स्थानों के नाम बदलने और बड़े बांध के निर्माण से जुड़े मुद्दे भी उठाए। ये कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोप हैं; सीमा पर गश्त और नियंत्रण को लेकर इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
जुलाई से तनाव की खबरें
रिपोर्टों के अनुसार, अरुणाचल प्रदेश के अपर सुबनसिरी जिले के दूरस्थ तक्षिंग क्षेत्र में जुलाई से भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच गतिरोध की खबरें आती रही हैं। सितंबर में इस क्षेत्र को लेकर कोर कमांडर स्तर की बैठक भी हुई थी। अगस्त में विदेश मंत्रालय ने कहा था कि सीमा की स्थिति का भारत-चीन संबंधों पर असर पड़ता है और दोनों पक्षों ने गलतफहमी तथा तनाव बढ़ने से रोकने के लिए मौजूदा राजनयिक और सैन्य व्यवस्थाओं के इस्तेमाल पर सहमति जताई है।
सीमा पर सुरक्षा तैयारियां बढ़ा रहा ITBP
ITBP प्रमुख ने अपने संबोधन में ड्रोन प्लाटून, विशेष युद्ध प्रशिक्षण और सीमावर्ती इलाकों में भूमिगत बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि ‘स्ट्राइक’ नामक नया प्रशिक्षण कार्यक्रम गलवान जैसी परिस्थितियों से निपटने की तैयारी में मदद करेगा और 2027 के अंत तक पूरे बल को इससे प्रशिक्षित करने का लक्ष्य है।
फिलहाल विवाद का केंद्र ITBP प्रमुख के बयान और सरकार की ओर से इस पर विस्तृत स्पष्टीकरण का अभाव है। सीमा की वास्तविक स्थिति, गश्ती बिंदुओं तक पहुंच और दोनों देशों के बीच जारी संवाद पर आधिकारिक जानकारी आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।