नई दिल्ली। चुनाव आयोग (ECI) के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शन के बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदर्शन को दबाकर जनता की आवाज को खामोश नहीं किया जा सकता। राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारियों के साथ खड़े होकर कहा कि यह केवल किसी एक राजनीतिक दल का आंदोलन नहीं, बल्कि लोकतंत्र और संविधान से जुड़े सवालों को उठाने की लड़ाई है।
मतदाता सूची के मुद्दे पर विपक्ष का विरोध
कांग्रेस और विपक्षी दल मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तथा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची में बदलाव के दौरान बड़ी संख्या में नाम हटाए गए हैं और इससे पात्र मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।
दूसरी ओर, निर्वाचन आयोग का कहना है कि मतदाता सूची को सही बनाने के लिए मृत, दोहरे और अपात्र मतदाताओं के नामों की जांच की जा रही है। आयोग और भाजपा ने राजनीतिक पक्षपात के आरोपों को खारिज किया है।
प्रदर्शनकारियों के समर्थन में राहुल गांधी
राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारियों के समर्थन में केंद्र सरकार पर लोकतांत्रिक आवाजों को दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने संकेत दिया कि विपक्ष इस मुद्दे पर पीछे हटने वाला नहीं है। इससे पहले 12 अक्टूबर को राहुल गांधी सहित विपक्षी नेताओं ने मतदाता सूची के विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट तक मार्च किया था और अपनी मांगों को सामने रखा था।
जंतर-मंतर और पुलिस कार्रवाई पर भी विवाद
दिल्ली में प्रदर्शन स्थलों और पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी विवाद बढ़ा है। जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाए जाने के बाद विपक्ष ने इस फैसले पर सवाल उठाए हैं। वहीं, पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन और कानून-व्यवस्था से जुड़े फैसले लागू नियमों के अनुसार लिए जा रहे हैं।
मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों, मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे और प्रदर्शन की अनुमति को लेकर राजनीतिक टकराव जारी है। आने वाले दिनों में विपक्ष की रणनीति और निर्वाचन आयोग की ओर से दिए जाने वाले जवाब पर इस विवाद की दिशा निर्भर करेगी।