नई दिल्ली: ₹2,000 से ज्यादा के UPI भुगतान पर लागू होने वाले नए Merchant Discount Rate (MDR) को लेकर पेट्रोल पंप डीलरों ने विरोध जताया है। डीलरों का कहना है कि ईंधन क्षेत्र में ₹2,000 से अधिक के UPI भुगतान पर प्रति ट्रांजैक्शन ₹5 MDR लगाया गया तो वे ऐसे भुगतान लेना बंद कर सकते हैं और ग्राहकों से कैश में भुगतान करने को कह सकते हैं।
पेट्रोल पंपों को क्यों आपत्ति?
ऑल इंडिया पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने सरकार से पेट्रोल पंपों को MDR से छूट देने की मांग की है। डीलरों का तर्क है कि पेट्रोल पंपों का मार्जिन पहले से सीमित है और हर ₹2,000 से अधिक के UPI ट्रांजैक्शन पर ₹5 का शुल्क बड़ी संख्या में दैनिक लेनदेन होने के कारण कुल लागत बढ़ा देगा।
ग्राहक से ₹5 नहीं लिया जाएगा
नए नियमों के मुताबिक 15 अक्टूबर 2026 से ₹2,000 से अधिक के पात्र UPI मर्चेंट भुगतान पर MDR लागू होगा। सामान्य P2M लेनदेन के लिए दर 0.4% तक है, जबकि फ्यूल भुगतान के लिए ₹5 का फ्लैट MDR निर्धारित किया गया है। यह शुल्क ग्राहक पर डालने के बजाय मर्चेंट पर लागू होगा। P2P यानी व्यक्ति-से-व्यक्ति UPI भुगतान पर यह शुल्क लागू नहीं होगा।
पेट्रोल पंप डीलर संगठनों ने सरकार और तेल विपणन कंपनियों से इस व्यवस्था पर पुनर्विचार करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि राहत नहीं मिली तो ₹2,000 से अधिक के UPI भुगतान को सीमित करने का विकल्प अपनाया जा सकता है।