भोपाल। मध्यप्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को विस्तार देने की दिशा में शुक्रवार को बड़ा कदम उठाया गया। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के बीएचईएल दशहरा मैदान में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा और PM-eBus Sewa का शुभारंभ किया। इस दौरान सात शहरों के लिए 351 बसों को हरी झंडी दिखाई गई।
मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत पहले चरण में इंदौर, भोपाल, जबलपुर, रीवा, देवास, कटनी और भिंड को शामिल किया गया है। इनमें इंटरसिटी और इंट्रासिटी दोनों तरह की बस सेवाएं संचालित होंगी। सेवा का उद्देश्य शहरों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों की बस कनेक्टिविटी को मजबूत करना है।
21 साल बाद फिर शुरू हुई सरकारी बस सेवा
मुख्यमंत्री मोहन यादव के अनुसार, मध्यप्रदेश में करीब 21 साल बाद सार्वजनिक बस परिवहन सेवा को नए मॉडल के साथ शुरू किया गया है। सेवा को चरणबद्ध तरीके से प्रदेश के अन्य शहरों और जिलों तक विस्तार देने की योजना है।
सरकार ने आने वाले वर्षों में बसों की संख्या बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। रिपोर्टों के अनुसार वर्ष 2031 तक करीब 15 हजार बसों का नेटवर्क तैयार करने की योजना है।
GPS, पैनिक बटन और आधुनिक निगरानी
मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा में यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। बसों में GPS आधारित लाइव ट्रैकिंग और पैनिक बटन जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। चालकों को आधुनिक बस तकनीक, संचालन और सुरक्षा मानकों का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
PM-eBus Sewa के तहत इलेक्ट्रिक बसों पर जोर
कार्यक्रम में PM-eBus Sewa से जुड़ी पहल भी शामिल रही। केंद्र की PM-eBus Sewa योजना का उद्देश्य शहरों में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन को बढ़ावा देना है। आधिकारिक योजना के तहत इलेक्ट्रिक बसों को PPP मॉडल पर तैनात करने के साथ डिपो, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, ITMS और अन्य शहरी परिवहन सुविधाओं को विकसित करने का प्रावधान है। (PM eBus Sewa)
मध्यप्रदेश में इन पहलों के जरिए सार्वजनिक परिवहन को अधिक तकनीक-आधारित बनाने और शहरों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों तक कनेक्टिविटी बढ़ाने की योजना है।