कोलकाता। पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव में शुक्रवार को बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल कांग्रेस गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने अपना नामांकन वापस ले लिया। उनका नामांकन वापस लेना इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि इससे पहले उनके बीजेपी नेता और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की खबर सामने आई थी। हालांकि, इस मुलाकात और नामांकन वापसी के बीच किसी राजनीतिक समझौते की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात के बाद लिया फैसला
रिपोर्टों के मुताबिक, संचिता प्रधान डे ने शुक्रवार को शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की और इसके बाद अपना नामांकन वापस ले लिया। नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख से ठीक एक दिन पहले यह घटनाक्रम हुआ है। इससे नंदीग्राम उपचुनाव का मुकाबला और दिलचस्प हो गया है।
हालांकि, सिर्फ मुलाकात के आधार पर यह निष्कर्ष निकालना कि बीजेपी ने उम्मीदवार को नाम वापस लेने के लिए कहा या कोई ‘खेला’ किया, अभी पुष्ट नहीं है।
ममता कैंप के सामने अब क्या स्थिति?
ममता बनर्जी गुट ने 13 सितंबर को नंदीग्राम से संचिता प्रधान डे को उम्मीदवार बनाया था। नंदीग्राम सीट शुभेंदु अधिकारी के दो सीटों से जीतने के बाद खाली हुई थी। उपचुनाव के लिए 6 अक्टूबर को मतदान और 9 अक्टूबर को मतगणना प्रस्तावित है।
बीजेपी ने नंदीग्राम से हसीरानी रथ को उम्मीदवार बनाया है, जो शुभेंदु अधिकारी के दिवंगत सहयोगी चंद्रनाथ रथ की मां हैं।
एक और अहम घटनाक्रम
नामांकन वापसी से पहले संचिता प्रधान डे ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से भी मुलाकात की थी। इसके बाद उनके नामांकन वापस लेने की खबर सामने आई। अब नंदीग्राम में ममता कैंप की स्थिति क्या होगी, यह चुनाव आयोग की अंतिम उम्मीदवार सूची के बाद और स्पष्ट होगा।