इंदौर। ₹2,000 से अधिक के UPI मर्चेंट पेमेंट पर प्रस्तावित 0.4% MDR (Merchant Discount Rate) के विरोध में इंदौर समेत मध्य क्षेत्र के व्यापारिक संगठनों ने आंदोलन की तैयारी शुरू कर दी है। व्यापारियों के अनुसार, 23 सितंबर को ‘NO UPI DAY’ मनाया जाएगा। इस दिन आंदोलन में शामिल व्यापारी UPI के जरिए भुगतान स्वीकार नहीं करने का फैसला कर सकते हैं।
केंद्र सरकार की मौजूदा व्यवस्था के अनुसार, ₹2,000 तक के P2M यानी व्यापारी को किए जाने वाले UPI भुगतान पर MDR नहीं लगेगा, जबकि ₹2,000 से अधिक के पात्र मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर 0.4% MDR का प्रावधान है। ग्राहक से यह शुल्क सीधे नहीं लिया जाएगा, बल्कि यह व्यापारी-पेमेंट इकोसिस्टम पर लागू होगा।
50 व्यापारिक संगठनों की मुहिम
व्यापारियों का कहना है कि UPI पर शुल्क लगने से खासकर अधिक मूल्य वाले सामान का कारोबार करने वाले व्यापारियों के मार्जिन पर असर पड़ेगा। इंदौर में इस मुद्दे को लेकर दुकानों पर विरोध पोस्टर लगाने की मुहिम भी शुरू हो चुकी है।
आज अहिल्या चैंबर की अहम बैठक
इसी बीच अहिल्या चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की आज शाम महत्वपूर्ण बैठक प्रस्तावित है। बैठक में यह तय किया जाएगा कि चैंबर 23 सितंबर के ‘NO UPI DAY’ आंदोलन को अपना समर्थन देगा या नहीं।
यदि चैंबर समर्थन करता है, तो आंदोलन को इंदौर के व्यापारिक क्षेत्र में व्यापक समर्थन मिलने की संभावना रहेगी। हालांकि, अंतिम फैसला बैठक के बाद ही स्पष्ट होगा।
व्यापारियों की मुख्य मांग
व्यापारी संगठनों की मांग है कि ₹2,000 से अधिक के UPI मर्चेंट पेमेंट पर लागू होने वाली MDR व्यवस्था को वापस लिया जाए। मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने वाले राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड के सदस्य रमेश खंडेलवाल भी 0.4% MDR वापस लेने की मांग कर चुके हैं।