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इंदौर

फिरोज खान की संपत्तियों की जांच में नए खुलासे, देवास में ₹92 लाख के दो प्लॉट और ₹9 करोड़ का जमीन सौदा जांच के दायरे में

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Divyansh Sharma

23 Oct 2026 | 02:39 PM
फिरोज खान की संपत्तियों की जांच में नए खुलासे, देवास में ₹92 लाख के दो प्लॉट और ₹9 करोड़ का जमीन सौदा जांच के दायरे में

इंदौर। पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज (पीटीसी), इंदौर में पदस्थ प्रधान आरक्षक चालक फिरोज खान के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में लोकायुक्त की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। जांच के दौरान देवास में परिवार के सदस्यों के नाम पर खरीदे गए दो प्लॉट और उज्जैन रोड पर करीब 45 बीघा जमीन के सौदे से जुड़ी जानकारी सामने आई है। लोकायुक्त अब इन संपत्तियों की खरीद, रजिस्ट्री और भुगतान में इस्तेमाल की गई राशि के स्रोत की पड़ताल कर रहा है।

नीलामी में ₹92 लाख में खरीदे दो प्लॉट

जांच से जुड़ी जानकारी के अनुसार, चोलामंडलम की ओर से अगस्त 2025 में देवास में दो संपत्तियों की ऑनलाइन नीलामी की गई थी। इस नीलामी में फिरोज खान की पत्नी हिना खान, मां वहीदा खान और बेटी जैफी खान ने बोली लगाई थी। दोनों प्लॉट के लिए कुल 92 लाख रुपये की बोली स्वीकार हुई थी।

बताया गया है कि रजिस्ट्री और अन्य खर्चों को मिलाकर इन संपत्तियों पर कुल लागत करीब एक करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। जांच में यह जानकारी भी सामने आई है कि प्लॉट की रजिस्ट्री के लिए फिरोज खान ने स्वयं राशि जमा कराई थी। लोकायुक्त ने खरीद और भुगतान से संबंधित दस्तावेजों की जानकारी के लिए देवास के रजिस्ट्रार कार्यालय से रिकॉर्ड मांगा है।

₹9 करोड़ के जमीन सौदे में गवाह के रूप में नाम

जांच के दौरान इंदौर-उज्जैन रोड पर स्थित करीब 45 बीघा जमीन का सौदा भी सामने आया है। रिपोर्टों के मुताबिक, इस जमीन का सौदा करीब 9 करोड़ रुपये में हुआ था और फिरोज खान इसमें गवाह के रूप में दर्ज हैं।

इस जमीन के नामांतरण पर राजस्व न्यायालय ने रोक लगा रखी है। लोकायुक्त इस सौदे से जुड़े दस्तावेजों और फिरोज खान की भूमिका की जांच कर रहा है। जमीन की खरीद-बिक्री में शामिल पक्षों तथा लेन-देन की परिस्थितियों की भी पड़ताल की जा रही है।

अन्य संपत्तियों और संबंधित लोगों के नाम भी जांच में

फिरोज खान से जुड़े मामले में लोकायुक्त पहले ही कई संपत्तियों के दस्तावेज सामने आने की जानकारी दे चुका है। जांच का दायरा परिवार के सदस्यों, परिचितों और उनसे जुड़ी फर्मों के नाम पर दर्ज संपत्तियों तक पहुंचा है। अधिकारियों की प्राथमिकता यह पता लगाना है कि इन संपत्तियों को खरीदने में इस्तेमाल धन कहां से आया और क्या यह आय के ज्ञात स्रोतों से मेल खाता है।

कुछ मीडिया रिपोर्टों में अन्य व्यक्तियों के नाम पर दर्ज जमीनों का भी उल्लेख किया गया है। हालांकि, किसी व्यक्ति का नाम संपत्ति के दस्तावेजों में सामने आना अपने आप में उसकी किसी अवैध गतिविधि में संलिप्तता साबित नहीं करता। इन मामलों में वास्तविक स्वामित्व, भुगतान और संबंधित लोगों की भूमिका जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

14 अक्टूबर को हुई थी छापेमारी

लोकायुक्त की विशेष पुलिस स्थापना की टीम ने 14 अक्टूबर को फिरोज खान से जुड़े कई ठिकानों पर तलाशी ली थी। शुरुआती कार्रवाई में इंदौर और देवास सहित विभिन्न स्थानों पर संपत्तियों, वाहनों, बैंक खातों और वित्तीय निवेश से जुड़े दस्तावेजों की जांच की गई थी। इसके बाद से जांच में नए तथ्य सामने आने की खबरें लगातार प्रकाशित हो रही हैं।

फिलहाल लोकायुक्त संपत्तियों के दस्तावेज, रजिस्ट्री, वित्तीय लेन-देन और धन के स्रोत की जांच कर रहा है। मामले में अभी अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। जांच पूरी होने और संबंधित साक्ष्यों का परीक्षण होने के बाद ही आरोपों तथा संपत्तियों की वास्तविक स्थिति पर स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।

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