विशाखापत्तनम/नई दिल्ली। चक्रवात अर्नब ने भारत के पूर्वी तट पर दस्तक दे दी है। बुधवार सुबह आंध्र प्रदेश और यानम तट के आसपास पहुंचे इस बेहद गंभीर चक्रवाती तूफान के कारण तटीय इलाकों में भारी बारिश, तेज हवाएं और समुद्र में ऊंची लहरें देखने को मिलीं। विशाखापत्तनम समेत कई इलाकों में सड़कें पानी से भर गईं, पेड़ उखड़ गए और बिजली आपूर्ति बाधित हुई।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, तूफान से पहले ही विशाखापत्तनम में मौसम बिगड़ने लगा था। समुद्र की तेज लहरें तटीय सड़क तक पहुंचीं, जबकि तेज हवाओं के कारण दोपहिया वाहन चालकों को संतुलन बनाए रखने में परेशानी हुई। सोशल मीडिया और समाचार रिपोर्टों में सामने आए दृश्यों में समुद्र की उफनती लहरों और खराब मौसम का असर दिखाई दे रहा है।
125 से 135 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाएं
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के अनुसार, चक्रवात के तट पार करने के दौरान हवाओं की रफ्तार 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटा रहने और झोंकों के 150 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की आशंका थी। ऐसे हालात में पेड़ गिरने, बिजली के तार टूटने, सड़क यातायात प्रभावित होने और कमजोर ढांचों को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ जाता है।
चक्रवात के प्रभाव से आंध्र प्रदेश के तटीय जिलों में व्यापक बारिश दर्ज की गई। कुछ इलाकों में जलभराव के कारण लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बरतने और लोगों को समुद्र तट से दूर रहने की सलाह दी।
विशाखापत्तनम में भारी बारिश, सड़कें जलमग्न
विशाखापत्तनम में मंगलवार से ही तेज बारिश और हवाओं का असर बढ़ने लगा था। कई इलाकों में सड़कों पर पानी भर गया और पेड़ तथा उनकी शाखाएं गिरने से आवागमन बाधित हुआ। कुछ क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई।
तटीय सड़क के पास समुद्र की ऊंची लहरें उठती दिखाई दीं। तेज हवाओं के बीच दोपहिया वाहन चलाना मुश्किल हो गया। स्थानीय स्तर पर दुकानदारों और रेहड़ी-पटरी वालों ने मौसम बिगड़ने पर अपना काम समेटना शुरू कर दिया।
आंध्र प्रदेश और ओडिशा में अलर्ट
चक्रवात के प्रभाव को देखते हुए आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा के तटीय इलाकों में अलर्ट जारी किया गया था। मौसम विभाग ने भारी से अत्यधिक भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी दी थी। तूफान के प्रभाव से तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और आसपास के कुछ क्षेत्रों में भी बारिश होने का पूर्वानुमान जताया गया।
प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, राहत शिविर तैयार रखने और आपातकालीन सेवाओं को सतर्क रखने जैसे कदम उठाए। तटीय क्षेत्रों में मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
चक्रवात के दौरान लोगों को समुद्र तटों, जलभराव वाले रास्तों और कमजोर इमारतों से दूर रहने की सलाह दी गई है। तेज हवाओं के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और लटकते तारों के पास खड़े होने से बचना जरूरी है।
तूफान के तट पार करने के बाद भी भारी बारिश और तेज हवाओं का खतरा कुछ समय तक बना रह सकता है। इसलिए लोगों को मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की आधिकारिक चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है।