इंदौर। शहर के चर्चित भागीरथपुरा दूषित पानी कांड की न्यायिक जांच रिपोर्ट अब सार्वजनिक होने का रास्ता साफ हो गया है। रिपोर्ट को सार्वजनिक करने और हाईकोर्ट की वेबसाइट पर उपलब्ध कराने की मांग को लेकर दायर आवेदन को सोमवार को इंदौर हाईकोर्ट ने मंजूर कर लिया।
मामले से जुड़े अधिवक्ताओं मनीष यादव और रितेश ईरानी ने इसकी जानकारी दी। उनके मुताबिक, न्यायिक जांच आयोग की रिपोर्ट को अब सार्वजनिक किया जाएगा और हाईकोर्ट की वेबसाइट पर भी अपलोड किए जाने की प्रक्रिया होगी।
भागीरथपुरा में दूषित पानी की घटना के बाद मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने मामले की स्वतंत्र जांच के लिए सेवानिवृत्त हाईकोर्ट जज जस्टिस सुशील कुमार गुप्ता की अध्यक्षता में एक सदस्यीय न्यायिक आयोग गठित किया था। आयोग ने 25 अगस्त 2026 को अपनी रिपोर्ट हाईकोर्ट में पेश की थी। रिपोर्ट अब तक सार्वजनिक नहीं की गई थी। (Madhya Pradesh High Court)
रिपोर्ट सार्वजनिक करने को लेकर याचिकाकर्ताओं की ओर से आवेदन दायर किए गए थे। इससे पहले हाईकोर्ट ने रिपोर्ट को सार्वजनिक करने पर रोक लगाई थी, हालांकि मामले से जुड़े अधिवक्ताओं को रिपोर्ट देखने की अनुमति दी गई थी।
अब आवेदन मंजूर होने के बाद भागीरथपुरा जलकांड की न्यायिक जांच रिपोर्ट सार्वजनिक होने की उम्मीद है। विस्तृत आदेश जल्द उपलब्ध होने की बात कही गई है। इसके बाद रिपोर्ट में जांच आयोग की ओर से दर्ज निष्कर्ष और जिम्मेदारी तय करने संबंधी टिप्पणियों की आधिकारिक जानकारी सामने आ सकेगी।
उल्लेखनीय है कि हाईकोर्ट के रिकॉर्ड के अनुसार भागीरथपुरा जल प्रदूषण मामले की जांच के लिए गठित आयोग को पानी के दूषित होने के कारणों और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच का दायित्व दिया गया था। (Madhya Pradesh High Court)