नई दिल्ली। देशभर के बैंक कर्मचारियों की प्रस्तावित तीन दिवसीय हड़ताल को लेकर स्थिति स्पष्ट हो गई है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर बैंक कर्मचारी 28, 29 और 30 सितंबर 2026 को देशव्यापी हड़ताल पर जाने की तैयारी में हैं।
हड़ताल का प्रमुख मुद्दा हफ्ते में पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करना है। 22 सितंबर को भारतीय बैंक संघ (IBA), वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग (DFS), बैंक प्रबंधन और यूनियन प्रतिनिधियों के बीच बातचीत हुई, लेकिन 5-डे वर्किंग की मांग पर कोई ठोस सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद UFBU ने तीन दिवसीय हड़ताल जारी रखने का फैसला किया।
5-डे वर्किंग की मांग पर अड़े बैंक यूनियन
बैंक यूनियन लंबे समय से सभी शनिवार को छुट्टी घोषित कर पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की मांग कर रहे हैं। केंद्र सरकार के अनुसार, 2024 के वेतन संशोधन समझौते के तहत 5-डे बैंकिंग से जुड़ा मुद्दा अभी सरकारी स्तर पर विचाराधीन है।
सरकार ने कर्मचारियों से हड़ताल से बचने और बैंकिंग सेवाएं सुचारु रखने की अपील की है। वित्त मंत्रालय ने यह भी कहा है कि हड़ताल के दौरान ग्राहकों को कम से कम परेशानी हो, इसके लिए बैंकों को आवश्यक वैकल्पिक व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए गए हैं।
लगातार 5 दिन प्रभावित हो सकती हैं बैंकिंग सेवाएं
28 से 30 सितंबर की हड़ताल से ठीक पहले 26 सितंबर शनिवार और 27 सितंबर रविवार है। ऐसे में शाखाओं में प्रत्यक्ष बैंकिंग सेवाएं लगातार पांच दिनों तक प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है। हालांकि, वास्तविक असर कर्मचारी भागीदारी और संबंधित बैंक की व्यवस्था पर निर्भर करेगा।
ATM, UPI, इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग जैसी डिजिटल सेवाएं सामान्य रूप से उपलब्ध रहने की उम्मीद है, जबकि शाखा में होने वाले कुछ काम और चेक संबंधी प्रक्रियाओं में देरी हो सकती है।