धार। मध्यप्रदेश के धार जिले के लिए 8 सितंबर 2026 ऐतिहासिक दिन रहा। आजादी के करीब 78 साल बाद जिले के आदिवासी अंचल टांडा रोड से पहली नियमित यात्री ट्रेन सेवा शुरू हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वडोदरा से वर्चुअल माध्यम से टांडा रोड–प्रतापनगर (वडोदरा) MEMU ट्रेन को हरी झंडी दिखाई।
12 कोच की MEMU ट्रेन से गुजरात से जुड़ा धार का आदिवासी क्षेत्र
टांडा रोड से शुरू हुई 12 कोच की MEMU सेवा धार और अलीराजपुर के आदिवासी क्षेत्रों को गुजरात के वडोदरा और छोटा उदयपुर क्षेत्र से जोड़ती है। इससे रोजगार, व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और कृषि उपज के बाजार तक पहुंच आसान होने की उम्मीद है।
धार शहर को अभी करना होगा इंतजार
हालांकि जिले में ट्रेन पहुंच गई है, लेकिन धार शहर अभी भी सीधे रेल नेटवर्क से नहीं जुड़ा है। टांडा रोड स्टेशन धार शहर से करीब 46 किलोमीटर दूर है। धार शहर तक ट्रेन पहुंचाने के लिए टांडा रोड–तिरला–धार रेलखंड का काम पूरा होना जरूरी है।
इसी के साथ इंदौर–दाहोद रेल परियोजना के तहत पीथमपुर–धार सेक्शन पर भी काम जारी है। मार्च 2026 में पीथमपुर से धार के बीच नए ट्रैक पर ट्रायल रन किया गया था। रेलवे अधिकारियों के अनुसार इस परियोजना के जरिए धार शहर को रेल नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में काम आगे बढ़ रहा है।
2026 के अंत तक धार में ट्रेन का लक्ष्य
धार शहर तक रेल पहुंचने की उम्मीद अब और मजबूत हुई है। रेलवे से जुड़े अधिकारियों के अनुसार पीथमपुर–धार और इंदौर–दाहोद परियोजना के महत्वपूर्ण काम पूरे होने के बाद 2026 के अंत तक ट्रेन संचालन शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि अंतिम शुरुआत परियोजना के काम, परीक्षण और सुरक्षा मंजूरी पूरी होने पर निर्भर करेगी।
टांडा रोड में ट्रेन का पहुंचना धार के लिए सिर्फ परिवहन सुविधा नहीं, बल्कि करीब आठ दशक पुराने रेल इंतजार के खत्म होने की शुरुआत माना जा रहा है।